August 6, 2022
ऑपरेशन रोमियो रिव्यू: जरूरी विषय पर बनी एक रोमांटिक- थ्रिलर, मजबूत परफॉर्मेंस

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सोचने पर मजबूर करती है कहानी

सोचने पर मजबूर करती है कहानी

फिल्म की खास बात है कि यह तनाव पैदा करने में सफल रही है। जब आदित्य और नेहा डेट के लिए निकलते हैं, आपको शुरुआत से ही अंदाजा होता है कि अब इनके साथ कोई घटना घटने वाली है.. आप जानते हैं उनका हर कदम उन्हें दुर्घटना की तरफ ले जा रहा है, लेकिन फिर भी आप उनके लिए डरते हैं। आप जानना चाहते हैं कि वो उस परिस्थिति में क्या प्रतिक्रिया देंगे।

एक साथ कई मुद्दों पर बात करती है फिल्म

एक साथ कई मुद्दों पर बात करती है फिल्म

फिल्म का फर्स्ट हॉफ निर्देशक ने इसी तनाव को बनाकर रखा है। रथीश रवि की मूल कहानी और अरशद सैयद की पटकथा पर बनी ऑपरेशन रोमियो सिर्फ नैतिक पुलिसिंग की ही बात नहीं करती है, बल्कि फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा “मेल ईगो” पर बात करता है। जब नेहा और आदित्य पुलिस के चंगुल से छूटते हैं वह सबसे पहले सवाल करता है- “उसने तुम्हारे साथ क्या किया? I need to know as a man..” यहीं से फिल्म के मैसेज में कंफ्यूजन की शुरुआत होती है।

सेकेंड हॉफ में भटक जाती है कहानी

सेकेंड हॉफ में भटक जाती है कहानी

एक तरफ निर्देशक एक प्रेम कहानी को थ्रिलर का आकार देते हुए moral policing का मुद्दा डालकर दर्शकों को शिक्षित और प्रेरित करना चाहते हैं। फर्स्ट हॉफ में तमाम कई दृश्यों में वह दिखाते हैं कि दुनिया अभी भी महिलाओं के लिए कितनी असुरक्षित है। लेकिन आदित्य के किरदार का दोहरापन फिल्म में पितृसत्ता, नारीवाद जैसे अन्य मुद्दे भी जोड़ देता है। जिसके बाद कहानी मूल संदेश से दूर चली जाती है।

मजबूत पक्ष हैं इसके कलाकार

मजबूत पक्ष हैं इसके कलाकार

साथ ही जो मलयालम फिल्म थी वो छोटे शहर पर बनी कहानी थी, जब निर्माता- निर्देशक नैतिक पुलिसिंग जैसे मुद्दे को मुंबई जैसे महानगर से जोड़ते हैं, तो कहानी में थोड़ी और परिपक्वता की उम्मीद होती है।

फिल्म का मजबूत पक्ष हैं इसके कलाकार। बतौर मेनलीड अपनी पहली फिल्म में ही सिद्धांत गुप्ता ने बता दिया है कि वो प्रतिभाशाली अभिनेता हैं। निर्देशक ने उनके किरदार को बेहतरीन आर्क दिया है और सिद्धांत ने पूरी सच्चाई के साथ निभाया है। वेदिका का स्क्रीन टाइम काफी कम है, लेकिन वो पर्दे पर सहज दिखी हैं। भूमिका चावला की उपस्थिति अच्छी लगती है। वहीं, शरद केलकर और किशोर कदम अपने किरदारों में इतने रच बस गए हैं कि आप बिना उनसे घृणा किये नहीं रह पाएंगे।

3 स्टार

3 स्टार

एक रोड ट्रिप कैसे जिंदगी बदल देती है.. इस शैली पर अनुष्का शर्मा की NH-10 जैसी पहले भी फिल्में बनी हैं। ऑपरेशन रोमियो इसी दिशा में शुरु होती है, फिल्म आपको दमदार तरीके से बांधती भी है, लेकिन सटीक मैसेज देने में कहीं ना कहीं उलझा देती है। फिल्मीबीट की ओर से “ऑपरेशन रोमियो” को 3 स्टार।

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