August 13, 2022
क्या ऋषभ पंत आईपीएल में भारत के सबसे धाकड़ बल्लेबाज बन सकते हैं?

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नई दिल्ली. आईपीएल के इतिहास में अब तक का सबसे धाकड़ बल्लेबाज कौन रहा है? अगर ये सवाल आपसे या किसी भी सामान्य क्रिकेट प्रेमी से पूछा जाए तो सबके जेहन में शायद सबसे पहले एबी डिविलियर्स का नाम आए, या फिर क्रिस गेल का या आंद्रे रसेल? अगर भारतीय बल्लेबाजों की बात करें तो विराट कोहली, रोहित शर्मा और एमएस धोनी पिछले डेढ़ दशक से इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े नामों में शुमार हैं लेकिन सिर्फ बल्ले के कमाल के दम पर स्वाभाविक तौर पर ये सबसे धाकड़ बल्लेबाज़ों की सूची में शायद ना आएं. इसकी वजह है आईपीएल में इनके औसत और स्ट्राइक रेट में सामंजस्य का अभाव.

नॉट आउट रहने से बढ़ जाता है औसत

बल्लेबाजी औसत का मतलब तो साफ है कि हर मैच में अमूमन आप कितना रन बनाते हैं. मतलब कि अगर आपने एक मैच में 100 रन बनाये , दूसरे में 50 और तीसरे में शून्य तो आपका औसत होगा 50 का क्योंकि आपने कुल 150 रन तीन पारियों में बनाएं और तीन बार आउट हुए. अगर आप किसी एक पारी में नॉट आउट रहते हैं तो आपका औसत सीधे बढ़कर 75 का होगा जाएगा और अगर दो बार नॉट आउट रहते हैं तो आपका औसत सीधे 150 का हो जाएगा. इसलिए सफेद गेंद की क्रिकेट में नॉट ऑउट को ज्यादा अहमियत दी गई. यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइकल बेवन को महानता का दर्जा मिला क्योंकि वो भले ही रन कम बनातें थे, बड़ी पारियां कम खेलते थे लेकिन नॉट आउट रहकर मैच जिताते थे. इसलिए उनका औसत अव्वल रहा करता था. धोनी के साथ भी कमोबेश यही बातें लागू होती हैं.

क्या टी20 क्रिकेट में सिर्फ स्ट्राइक रेट की अहमियत है?

अब बात करते हैं स्ट्राइक रेट की. इसका सीधा मतलब है कि हर प्रति गेंद आपने कितने रन बनाएं. मतलब ये कि 1 गेंद खेलकर 1 रन बनाये तो 100 का स्ट्राइक रेट. 10 गेंद खेलकर 20 रन बनाये तो 200 का स्ट्राइक रेट और 20 गेंद खेलकर शतक पूरा कर लें तो 500 का स्ट्राइक रेट! फॉर्मेट इतना जितना बड़ा हो यानि टेस्ट क्रिकेट तो वहां हमेशा औसत को महानता का सबसे बड़ा पैमाना माना गया. फॉर्मेट जितना छोटा हो यानि कि टी20 क्रिकेट तो वहां स्ट्राइक रेट को अहमियत दी गयी क्योंकि आपको कम गेंद खेलकर ज़्यादा रन बनाने की चुनौती रहती है. एक तरह से देखा जाय तो वनडे क्रिकेट में असली महानता की पहचान इस बात से होती रही है कि आपका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों उम्दा है या नहीं. यही वजह है सचिन तेंदुलकर को वनडे क्रिकेट का डॉन ब्रैडमैन माना जाता है.

अब बल्लेबाजों को नए कसौटी पर तौलने की जरूरत

हाल के सालों में टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता और दुनिया भर में अलग-अलग लीग के आयोजन से इस बात की भी जरुर महसूस होने लगी कि बल्लेबाजों को अब एक नई कसौटी पर तौला जाय. मतलब ये कि भले ही टी-20 फॉर्मेट छोटा है और यहां स्ट्राइक रेट की सबसे ज्यादा अहमियत होती है लेकिन इस फॉर्मेट में भी महान बनने के लिए किसी भी खिलाड़ी को निरंतरता दिखानी पड़ेगी. वरना मुमकिन है कि कोई खिलाड़ी हर मैच में 5-10 गेंद ही खेले और 150 की स्ट्राइक रेट से 20-25 रन बना डाले. लेकिन, इससे महानता का आकलन सही तरीके से नहीं हो पायेगा. इसलिए जरूरी है कि खिलाड़ियों के औसत और स्ट्राइक रेट में एक संतुलन देखने को मिले. जिससे ये अंदाजा लगाया जा सके कि कोई बल्लेबाज कितनी तेजी से रन बनाता है वो तो मायने रखता ही है, ये बात भी अहम है कि हर पारी में उसका योगदान अमूमन कितने रनों का रहता है.

‘BASRA’ के फार्मेट में आंद्रे रसेल सबसे खतरनाक विदेशी बल्लेबाजऔर इसी तर्क के चलते आधुनिक जानकारों में इस बात को लेकर बहस छिड़ चुकी है कि क्या वक्त आ गया है कि टी20 क्रिकेट में महानता आंकने के मापदंड बदला जाए? पारंपरिक तौर से हटकर अब टी20 फॉर्मेट में औसत के साथ साथ स्ट्राइक रेट को भी ध्यान में रखकर एक नये किस्म का पैरामीटर तैयार हो रहा है जहां पर औसत और स्ट्राइक रेट दोनों को जोड़ कर ‘BASRA’ निकाला जाता है… BASRA का मतलब है बैटिंग एवरेज और स्ट्राइक रेट का एग्रीगेट. इसके लिए जरूरी होगा कि खिलाड़ी को कम से कम 50 पारियां खेलनी पड़े. अगर इस कसौटी पर देखें तो कोलकाता नाइट राइडर्स के रसेल सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनकर उभरते हैं जिनका 75 पारियों में औसत 30 से ज्यादा और स्ट्राइक रेट 180 के करीब और अगर इन दोनों को जोड़ दिया जाय तो जमैका के इस बल्लेबाज का BASRA करीब 210 के पास पहुंचता है. इस लिहाज से रसेल को आईपीएल के इतिहास का सबसे दमदार बल्लेबाज कहा जा सकता है.

एबी डिविलियर्स आईपीएल के सदाबहार बल्लेबाज, क्रिस गेल भी छूट जाएंगे पीछे

लेकिन, डिविलियर्स के चाहने वाले ये दलील दे सकते हैं कि 170 पारी खेलने के बाद साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज का BASRA अगर 191 से ज्यादा है तो सर्वकालीन महान बल्लेबाज इस टूर्नामेंट के वो होंगे ना कि रसेल. 141 पारी के बाद करीब 190 का BASRA वाले क्रिस गेल भी इस मामले में डिविलियर्स से पीछे हैं. अब आप ये सोच रहें होंगे कि भारतीय बल्लेबाजों में से कौन-कौन इस सूची के टॉप में है तो वीरेंद्र सहवाग, केएल राहुल, ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या भी इस फेहरिस्त में अपनी जगह बना लेते हैं. लेकिन, सहवाग और पंड्या का आईपीएल में औसत करीब 27 का और स्ट्राइक रेट 150 से ऊपर का है तो वहीं, राहुल का औसत 46 से ऊपर तो हैं लेकिन स्ट्राइक रेट 136 के करीब है. यानि यहां BASRA में दोनों फैक्टर में संतुलन में समस्या है.

भारतीय बल्लेबाजों में ऋषभ पंत पड़ेंगे सबसे भारी

उस लिहाज से तो सिर्फ पंत ही दिग्गजों की श्रैणी में स्वभाविक रुप से अपना दावा ठोक सकते हैं क्योंकि आईपीएल में उनका औसत 35 से ऊपर और स्ट्राइक रेट 147 के करीब है जिससे उनका BASRA (182) सहवाग(183), राहुल (182) और पंड्या(179) से गुणवत्ता के लिहाज से भारी पड़ता है. और शायद पंत जब अपना करियर खत्म करें तो उनकी गिनती रसेल, डिविलियर्स और गेल जैसे दिग्गजों के साथ हो सकती है. लेकिन, उसके लिए तो हमें फिलहाल काफी इंतजार करना पड़ेगा.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

ब्लॉगर के बारे में

विमल कुमार

न्यूज़18 इंडिया के पूर्व स्पोर्ट्स एडिटर विमल कुमार करीब 2 दशक से खेल पत्रकारिता में हैं. Social media(Twitter,Facebook,Instagram) पर @Vimalwa के तौर पर सक्रिय रहने वाले विमल 4 क्रिकेट वर्ल्ड कप और रियो ओलंपिक्स भी कवर कर चुके हैं.

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