August 12, 2022
4 बार की चैंपियन CSK इस बार चारों खाने चित, जानिए फीके प्रदर्शन की 4 बड़ी वजह

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नई दिल्ली. चार बार की चैंपियन, 12 में से 11 सीजन में नॉकआउट खेला, पांच बार रनरअप रही. यह आंकड़े चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) की आईपीएल (IPL) में सफलता की कहानी बयां कर रहे हैं. 15 सीजन में सिर्फ एक बार 2020 में टीम प्लेऑफ नहीं खेली. तब टीम पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर रही थी. लेकिन इस बार 4 बार की चैंपियन टीम 4 मैच बाद ही चारों खाने चित हो गई है. अगर अगले कुछ मुकाबलों में भी टीम का यही प्रदर्शन जारी रहा, तो फिर 2020 जैसी स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता है. आखिर इस सीजन में क्यों डिफेंडिंग चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स जीत के लिए तरस रही है? आइए आपको टीम के फीके प्रदर्शन की चार बड़ी वजह बताते हैं.

सलामी बल्लेबाजों का फ्लॉप शो
चेन्नई सुपर किंग्स के फीके प्रदर्शन की पहली बड़ी वजह है सलामी बल्लेबाजों का फ्लॉप शो. सीएसके ने आईपीएल 2021 का खिताब जीता था. तब टीम की जीत में सबसे बड़ी भूमिका सलामी बल्लेबाजों की रही थी. ऋतुराज गायकवाड़ और फाफ डुप्लेसी की सलामी जोड़ी ने टीम को आधे से ज्यादा मुकाबलों में जीत दिलाई थी. रन चेज की बात रही हो या फिर पहले बल्लेबाजी की. ऋतुराज-फाफ की जोड़ी हर परीक्षा में खरी उतरी थी. ऋतुराज ने 16 मैच में 635 और डुप्लेसी ने इतने ही मुकाबलों में 633 रन बनाए थे.

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आईपीएल 2021 में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में यह दोनों पहले दो स्थान पर काबिज रहे थे. लेकिन इस बार कहानी बदली हुई है. फाफ डुप्लेसी टीम छोड़ चुके हैं. वहीं, ऋतुराज रन बनाने में संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने 4 मैच में सिर्फ 18 रन बनाए हैं. यानी पिछले सीजन में टीम की जीत की गांरटी बने सलामी बल्लेबाज, इस बार टीम का सबसे बड़ा सिरदर्द हैं.

टीम की तेज गेंदबाजी कमजोर
सीएसके के हार की दूसरी वजह अनुभवहीन तेज गेंदबाजी है. ड्वेन ब्रावो को छोड़ दें तो चेन्नई सुपर किंग्स के पास अनुभवी तेज गेंदबाजों की कमी है. सीएसके को चोटिल दीपक चाहर की कमी सबसे ज्यादा खल रही है. चाहर पावरप्ले के स्पेशलिस्ट गेंदबाज हैं. ऐसे में चाहर की गैरमौजूदगी के कारण टीम पावरप्ले में विकेट नहीं निकाल पा रही है और विरोधी टीमें चेन्नई सुपर किंग्स पर भारी पड़ती दिखी है. वहीं, एडम मिल्ने को भी कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ पहले मैच में चोट लग गई थी. चाहर की गैरमौजूदगी में टीम ने मुकेश चौधरी और तुषार देशपांडे, ड्वेन प्रिटोरियस, मिचेल सैंटनर जैसे गेंदबाजों को प्लेइंग-XI में मौका दिया. लेकिन कोई भी गेंदबाज अपनी छाप नहीं छोड़ पाया है.

जडेजा कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में फ्लॉप
आईपीएल 2022 के शुरू होने से 2 दिन पहले ही महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी छोड़ दी थी. उनकी जगह रवींद्र जडेजा को टीम की कमान सौंपी गई. उम्मीद थी कि धोनी की मौजूदगी में जडेजा बेहतर कप्तान साबित होंगे. लेकिन अब तक हुए 4 मुकाबलों में जडेजा की कप्तानी बेरंग दिखी है. कई दिग्गज भी उनकी लीडरशिप पर सवाल खड़े हो चुके हैं. जडेजा मुश्किल परिस्थिति में बिखरे नजर आ रहे हैं. हर बार उनकी नजर धोनी पर आकर ही रूक जा रही है. कप्तानी का दबाव उन पर साफ दिख रहा है. इसी वजह से वो गेंदबाजी और बल्लेबाजी में भी फ्लॉप साबित हो रहे हैं.

टीम के ऑलराउंडर भी अब तक बेरंग दिखे
चेन्नई सुपर किंग्स की सबसे बड़ी ताकत उसके ऑलराउंडर हैं. लेकिन आईपीएल 2022 में अब तक हुए 4 मुकाबलों में ऑलराउंडर का प्रदर्शन फीका रहा है. मोईन अली, ड्वेन ब्रावो और खुद रवींद्र जडेजा बतौर ऑलराउंडर अब तक फ्लॉप साबित हुए हैं. शिवम दुबे को टीम ने बतौर ऑलराउंडर अपने साथ जोड़ा है. बल्लेबाजी में तो उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है. एक मैच में उन्होंने 49 और एक में 57न की पारी खेली थी. लेकिन उनकी गेंदबाजी में धार नजर नहीं आई है. लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैच में शिवम ने एक ओवर में ही 25 रन लुटा दिए थे और टीम को हार झेलनी पड़ी थी.

मोईन अली का भी ऐसा ही हाल रहा है. उन्होंने दो मैच में अच्छी पारियां खेली हैं. लेकिन इस सीजन में एक भी विकेट नहीं निकाल पाए हैं. जडेजा गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों ही भूमिकाओं में अपनी छाप नहीं छोड़ पाए हैं. उन्होंने 4 मैच में सिर्फ 1 विकेट लिया है. वहीं, एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं.

Tags: Chennai super kings, IPL, IPL 2022, Ms dhoni, Ravindra jadeja

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